Monday, 26 September 2016

(Am I saint or sage?) | हिंदी रचना – क्या कोई ऋषि-मुनि हूँ मैं... Hindi – Kya koi Hrishi-Muni hun main...

(Am I saint, sage or monk?) | हिंदी रचना – क्या कोई ऋषि-मुनि हूँ मैं... Hindi – Kya koi Hrishi-Muni hun main...

कल अचानक यह एहसास हुआ कि जैसे कोई मुनि हूँ मैं,
एक धुँधली सी छवि, यज्ञ की अग्नि, पास बैठा ऋषि हूँ मैं...

मंत्रों का करके उच्चारण आहुति सी दे रहा था,
विचित्रतावश विभिन्न मंत्र स्वयं ही कह रहा था...

जाने कैसे, किस प्रकार और किसने सिखाया था,
हर मंत्र जैसे मन-मस्तिष्क, 'आत्मा' से स्वतः ही आया था...

पूर्व जन्मों की स्मृति हो कहीं, यह भी विचार आया था,
पर घटित तो हो रहा था वर्तमान में, यही सोच रहा हूँ मैं..

बस यही सोच रहा हूँ मैं, संभवतः कोई मुनि हूँ मैं,
एक धुंधली सी छवि, यज्ञ की अग्नि, पास बैठा ऋषि हूँ मैं...

#OriginalCreations #FreshAndRaw #JustWriting

मेरा वह एहसास सच्चा है जिसे सोचते हुए मैंने इस कविता की रचना की है | उस विचार पर आप कुछ कहना या बताना चाहें तो #please कमेंट करें. :)

#Hindi #हिंदी #HindiLove #iLuvHindi #HindiHainHum #HindiWriting #WritingHindi
#copyrightedcontent :P

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